Bhangarh Fort - भानगढ़ का किला भारत का सबसे भूताह किला जहाँ सूरज ढलते ही भटकती हैं आत्माएं। - CHAL WAHAN JAATE HAIN

Latest

Friday, April 17, 2020

Bhangarh Fort - भानगढ़ का किला भारत का सबसे भूताह किला जहाँ सूरज ढलते ही भटकती हैं आत्माएं।


Bhangarh Fort - भानगढ़ किला भारत का सबसे भूताह किला जहाँ सूरज ढलते ही भटकती हैं आत्माएं। 

Bhangarh Fort
Bhangarh Fort

Bhangarh Fort - स्वागत है आप सबका आपकी अपनी वेबसाइट चल वहां जाते हैं पर। टाईटल तो आपने पढ़ ही लिया होगा भानगढ़ का किला भारत का सबसे भूताह किला जो की आज भारत के दर्शनीय स्थलों में गिना जाता है। आज हम जानेंगे Bhangarh Fort का इतिहास, इस किले के भूताह होने के पीछे की कहानी, यहाँ कैसे पहुंचे और इस किले से जुड़ी हुई कुछ रोचक बातें तो चलिए अब बिलकुल भी देर न करते हुए भानगढ़ के किले पर एक नज़र डालते हैं। 


Bhangarh Fort-भानगढ़ किले का इतिहास 

Bhangarh Fort History
Bhangarh Fort History

Bhangarh Fort - कहा जाता है की भानगढ़ किले का निर्माण आमेर के राजा भगवंत दास नें कराया था। यह किला 300 साल तक आबाद रहा।राजा सवाई मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो सिंह (जो अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।) नें  इस किले को अपना निवास बना लिया। भानगढ़ का किला राजस्थान के अलवर जिले में स्तिथ है यह भव्य और  विशाल आकर का बनाया गया है जिसके चारों तरफ पहाड़ हैं। इस किले में प्रवेश के पांच दरवाजे हैं। भानगढ़ किले के अंदर भगवान सोमेश्वर, गोपीनाथ, मंगला देवी, और केशव राय मंदिर भी हैं। 


Bhangarh Fort Horror Story in Hindi - भानगढ़ किले के भूताह होने के पीछे की कहानी। 

Bhangarh Fort
Bhangarh Fort


Bhangarh Fort Horror Story In Hindi - यह कहानी है राजकुमारी रत्नावती और तांत्रिक सिन्दुसेवड़ा की। कहा जाता है की राजकुमारी रत्नावती अपने नाम की तरह बहुत खूबसूरत थी।राजकुमारी रत्नावती के सौंदर्य के कारण देश के कई राजकुमार, राजकुमारी रत्नावती से शादी करना चाहते थे। भानगढ़ में ही सिन्दुसेवड़ा नाम का एक तांत्रिक भी रहता था जो काले जादू का महारती था। तांत्रिक काले जादू की विद्या से राजकुमारी रत्नावती को हासिल करना चाहता था। एक दिन तांत्रिक नें अपनी तांत्रिक विद्या से राजकुमारी रत्नावती को अपने वश में करनें और अपनी तरफ खींची चले आने के लिए राजकुमारी की दासी की मदद लेकर राजकुमारी के इत्र में वशीकरण मंत्रों का प्रयोग कर राजकुमारी के पास भिजवाया जिससे राजकुमारी तांत्रिक की तरफ खींची चली आती राजकुमारी रत्नावती ने इत्र की शीशी को एक पत्थर पर रख दिया वह इत्र की शीशी गिरकर टूट गयी और सारा इत्र उस पत्थर पर गिर गया। 

यह भी पढ़ें :- Garh Kundar Fort | भारत का सबसे रहस्मयी किला गढ़कुंडार का किला जो दूर से आता है नज़र और पास आते-आते हो जाता है गायब। 

Bhangarh Fort Horror Story :- वशीकरण के अभाव से वह पत्थर तांत्रिक की तरफ तेज़ गति से बढ़नें लगा अपनी मौत को अपनी तरफ आता देख तांत्रिक ने भानगढ़ किले को श्राप दिया कि भानगढ़ किला बर्बाद हो जायेगा और भानगढ़ के निवासियों की मृत्यु हो जाएगी वह लोग फिर कभी दोबारा जन्म नहीं ले पाएंगे उनकी आत्माएं सदा भटकती रहेंगी। यह श्राप देनें के बाद तांत्रिक अपनी तरफ आ रहे पत्थर से दबकर मर गया। इस घटना के बाद भानगढ़ और अजबगढ़ में हुए युद्ध में भानगढ़ बर्बाद हो गया कहा जाता है की Bhangarh निवासिओं की बेरहमी से हत्या कर दी गयी राजकुमारी रत्नावती भी इस श्राप से बच न सकी और उनकी भी मृत्यु हो गयी। 


Bhangarh Fort Horror Story - यहाँ सूरज ढलते ही भटकती हैं आत्माएं। 

Bhangarh Fort Warning Board
Bhangarh Fort Warning Board

Bhangarh Fort Horror Story - भानगढ़ किले की बनावट और रचनाकारों की कला को देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है की यह किला अपनें समय में कितना सुन्दर और भव्य रहा होगा। Bhangarh ka Kila की देखभाल फ़िलहाल भारत सरकार द्वारा की जाती है। आज यह किला जीर्ण शीर्ण स्तिथि में है लोगों की मानें तो यहाँ रात में किसी के चीखनें चिल्लानें और रोनें की आवाज़ें आती हैं इन बातों में कितनी सच्चाई है ये तो नहीं कहा जा सकता लेकिन पुरातत्व विभाग द्वारा इस किले की खोजबीन कर इस किले को असामान्य बताया गया है इसके अलावा यहाँ आये पर्यटकों का सूरज ढलनें के बाद और सूर्योदय से पहले Bhangarh Ka Kila में प्रवेश करनें पर पाबन्दी लगा दी गयी है। जिसके चलते इस किले को भारत के सबसे भूतहा किले की टैगलाईन मिलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।  

Bhangarh Trip - भानगढ़ कैसे पहुंचें। 

Bhangarh Ka Kila
Bhangarh Ka Kila
Bhangarh Trip - भानगढ़ का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा सांगानेर हवाई अड्डा है जिससे Bhangarh की दूरी लगभग 85 किलोमीटर है। भानगढ़ का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन दौसा रेलवे स्टेशन है जिससे Bhangarh की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है सांगानेर हवाई अड्डा और दौसा रेलवे स्टेशन से भानगढ़ बस या कैब बुक करके भी जाया जा सकता है। 

Trip To Bhangarh - भानगढ़ जयपुर दिल्ली मार्ग पर स्तिथ है दिल्ली से भानगढ़ की दूरी 282 किलोमीटर और जयपुर से 82 किलोमीटर है। इसके अलावा Bhangarh राजस्थान राज्य के सभी मुख्य मार्ग और बड़े शहरों से भी कार, कैब या बस द्वारा भी पहुंचा जा सकता है। 


उम्मीद है की आपको मेरी पोस्ट पसंद आयी होगी। यह पोस्ट आपको कैसी लगी कॉमेंट करके ज़रूर बताएं और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी तो इसे अपने दोस्तों में ज़्यादा से ज़्यादा शेयर ज़रूर कीजियेगा। मेरी हमेशा यही कोशिश रहेगी की मैं आपके लिए ऐसी ही हॉन्टेड टूरिस्ट प्लेस के बारे में पूरी जानकारी लाता रहूं और आपको अपडेट करता रहूं। आशा करता हूँ की आप भी इसी तरह अपना प्यार बनाएं रखेंगें जिससे मुझे हमेशा मोटिवेशन मिलता रहेगा। 


Thank you 😊😊

No comments:

Post a Comment