Garh Kundar Fort | भारत का सबसे रहस्मयी किला गढ़कुंडार का किला यहाँ गायब हो गयी थी पूरी बारात - CHAL WAHAN JAATE HAIN

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Thursday, April 30, 2020

Garh Kundar Fort | भारत का सबसे रहस्मयी किला गढ़कुंडार का किला यहाँ गायब हो गयी थी पूरी बारात


Garh Kundar Fort | भारत का सबसे रहस्मयी किला गढ़कुंडार का किला जो दूर से आता है नज़र और पास आते-आते हो जाता है गायब। 

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गढ़कुंडार का किला 
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Garh Kundar Fort गढ़कुंडार का किला बुन्देलखण्ड जिले के गढ़कुंडार गांव में स्तिथ है यह किला भारत का सबसे रहस्मयी किला है। इस किले की खासियत ही इतनी डरावनी है जिसे सुनकर ही लोग इस किले में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते दरअसल इस किले की खास बात यह है कि यह किला 8 किलोमीटर की दूरी से तो साफ़ दिखाई देता है लेकिन जैसे जैसे आप इसके करीब आने लगते है तो यह किला गायब हो जाता है और जिस रास्ते से आप इस किले तक जा रहे होते है वही रास्ता आपको कहीं और ले जाता है।  दरअसल गढ़कुंडार के किले Garh Kundar ka kila की रचना ही सुरक्षा की दृष्टी से इस प्रकार की गयी है। इस किले तक पहुँचनें के लिए केवल एक ही रास्ता बनाया गया है। इस किले में दिन के उजाले में भी अँधेरा रहता है जिस कारण से यह किला और भी डरावना दिखाई देता है।   


Garh kundar ka khazana | गढ़कुंडार किले का खज़ाना 

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Garh Kundar Ka Kila गढ़कुंडार का किला पांच मंज़िला भव्य ईमारत है जिसकी दो मंज़िलें बेसमेंट में और बाकि तीन मंज़िलें ऊपर बनी हुई है इतिहास कारों की मानें तो इस किले के अंदर आज भी इतना खज़ाना है की Garh Kundar Fort गढ़कुंडार के किले का खज़ाना अगर भारत सरकार को मिल जाए तो भारत जैसा विकासशील देश भी अमीर देशों की गिनती में आ सकता है। इतिहासकारों का कहना है की इस किले में चन्देलों, बुंदेलों और खंगारों का राज रहा है जिनपर कभी हीरे जवाहरात और सोने चाँदी की कोई कमीं नहीं रही गढ़ कुंडार के किले में कितना सोना है यह कोई नहीं जानता । इतिहासकारों के अनुसार इन राजाओं का सारा खज़ाना आज भी इस किले के तयखानों में मेहफ़ूज़ है। लेकिन आज तक जो भी  ख़ज़ानें के लालच में आकर इस किले Garh Kundar Fort के तयखानों (बेसमेंट) में गया उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा और वह कभी भी वापस नहीं आ पाया। 


Garh Kundar Fort  | यहाँ गायब हो गयी थी पूरी बारात 

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स्थानीय निवासी बतातें है की साल 1994 में एक बारात गढ़कुंडार गांव से गुज़र रही थी वह पूरी बारात Garh Kundar Fort गढ़कुंडार के किले में घूमने के लिए चली गयी कहा जाता है घूमते-घूमते वह लोग किले के बेसमेन्ट में चले गए इसके बाद यह पूरी की पूरी 50-60  लोगों की बारात मानों जैसे इस किले के बेसमेंट में समां गयी हो। इस बारात के 50-60 लोगों में से एक भी व्यक्ति आज तक वापस नहीं लौटा।

Garh kundar ka kila ka rahasya | गढ़कुंडार किले का रहस्य 

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गढ़कुंडार का किला 
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यह भी माना जाता है कि Garh Kundar Fort गढ़कुंडार के किले को भूल भुलैय्या जैसा बनाया गया है और लोग इस किले में जाकर भटक जाते हैं और कभी वापस नहीं आ पाते वो लोग इसी किले में ही कैद होकर रह जाते हैं। लेकिन अगर इस बात पर यकीन कर भी लिया जाए तो एक डरा देने वाला सच यह भी है कि अगर लोग भटकने की वजह से यहाँ खो जाते हैं और वापस नहीं आ पाते हैं तो आज तक इस किले में गायब हुए सैंकड़ों लोगों में से किसी की भी इंसान की हड्डी तक भी इस किले में क्यूँ नहीं मिली। जबकि कुछ लोग इस किले के दर्दनाक इतिहास और इस किले की राजकुमारी और उनकी अनेकों दासियों के एक साथ जौहर कर लेनें के कारण इस किले को भूतिया किला Haunted Fort मानते हैं। इस किले के तयखानों में लोगों के गायब हो जाने की बढ़ती हुई घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार द्वारा इस किले के बेसमेंट में जाने वाले सभी रास्तों को हमेशा के लिए बंद करा दिया गया। अब यहाँ पर्यटकों को इस किले के ऊपरी तीन मंज़िलों का भ्रमण करने की ही अनुमति है। 

Garh Kundar Fort History In Hindi | गढ़कुंडार किले का इतिहास 

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Garh Kundar Fort गढ़कुंडार का किला कब और किसने बनवाया यह कोई नहीं जानता लेकिन कहा यह जाता है की 1500 ई0 तक इस किले को राजधानी के तौर पर इस्तमाल किया गया। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड जिले में स्तिथ यह गढ़कुंडार का किला एक समय में क्षेत्रीय महाराजा खेत सिंह खंगार का किला माना जाता है। महाराजा खेत सिंह खंगार का जन्म 27 दिसम्बर 1140 को जूनागढ़ नरेश महाराज रूढ़देव सिंह रावकर के यहाँ हुआ था जो चूडासामा वंश के थे। चूडासामा वंश शौर्य, आदर्श और बलिदान का प्रतिक रहा है। 

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Garh Kundar Fort | राजकुमारी केसरदाई की कहानी।  




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इस किले की राजकुमारी केसरदाई बहुत ही सुन्दर थी। तुग़लक़ वंश का सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ राजकुमारी केसरदाई की सुंदरता से आकर्षित होकर राजकुमारी से विवाह के लिए राजकुमारी के पिता से उनका हाथ मांगता है जिसपर राजकुमारी के पिता साफ़ इंकार कर देते हैं। क्रोध में आकर मुहम्मद बिन तुग़लक़ ने Garh Kundar Fort गढ़कुंडार किले पर आक्रमण कर दिया जिसमें इन दोनों राज्यों के बीच भयानक युद्ध हुआ इस कारण से राजकुमारी नें अपने राज्य को युद्ध में परास्त होते हुए देख कई दासियों के साथ जौहर कर लिया। 


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Regards Chal Wahan Jaate Hain.
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