जम्मूकश्मीर : खूबसूरत घाटियां, ठंडी आबोहवा ज़मीं पर जन्नत सा खूबसूरत कहा जाने वाला राज्य जम्मूकश्मीर। Part-Two (Final Part) - CHAL WAHAN JAATE HAIN

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Friday, April 17, 2020

जम्मूकश्मीर : खूबसूरत घाटियां, ठंडी आबोहवा ज़मीं पर जन्नत सा खूबसूरत कहा जाने वाला राज्य जम्मूकश्मीर। Part-Two (Final Part)



खूबसूरत जम्मूकश्मीर 
जम्मूकश्मीर की ठंडी आबोहवा खूबसूरत घाटियां, फूलों के खूबसूरत बाग़ीचे, तरह तरह के फलों के बाग़, हरे भरे-पहाड़ ज़मींं पर जन्नत सा खूबसूरत कहा जानें वाला भारत का एक बेहद खूबसूरत राज्य है।जम्मूकश्मीर के पार्ट-वन में हमनें यहाँ के खूबसूरत शहर श्रीनगर और चत्पाल की अनेकों खुबसुरत टूरिस्ट प्लेस के बारे में जाना अगर आपने ये पोस्ट नहीं पढ़ी है तो इस Link पर क्लिक करके ये पोस्ट पढ़ लें इसमें आपको जम्मूकश्मीर के खूबसूरत शहर श्रीनगर और चत्पाल कि खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी इसके अलावा आज की इस पोस्ट में हम जम्मूकश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम, पत्नीटॉप भद्रवाह और जम्मूकश्मीर की मशहूर पश्मीना शाल, कला और चाय के बारे में जानेंगे साथ ही में आपको यह भी बताऊंगा की जम्मूकश्मीर की इन सारी टूरिस्ट प्लेसों पर कैसे और किस मौसम जाना बेहतर है, तो चलिए अब जम्मूकश्मीर के इस दूसरे पार्ट को शुरू करते हैं। 


गुलमर्ग 

बर्फ से ढके पहाड़ 
गुलमर्ग का सुहाना मौसम, बर्फीले पहाड़, फूलों के बगीचे, देवदार के पेड़ पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। गुलमर्ग का मतलब है फूलों की वादी। गुलमर्ग जम्मू कश्मीर के बारमूला जिले में स्तिथ है गुलमर्ग समुन्द्र तल से लगभग 2730 मीटर की ऊंचाई पर है। कहा जाता है की गुलमर्ग को पहले गौरीमर्ग के नाम से जाना जाता था जो की भगवान शिव की पत्नी गौरी का नाम है। कश्मीर के आखरी राजा युसूफ शाह चक ने गौरीमर्ग की खूबसूरती से प्रभावित होकर इसे बदलकर इसका नाम गुलमर्ग रख दिया था। गुलमर्ग से 13 किलोमीटर दूर अलपाथर झील है जो की गुलमर्ग की खूबसूरती का जायज़ा लेने आये पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ खींच लेती है इस झील की खास बात यह है की जून के महीने तक इस झील में बर्फ जमी रहती है और तेज़ गर्मियों में इस झील की बर्फ पिघलकर टुकड़ों में बहने लगती है साथ ही अलपाथर झील के आस पास के बर्फीले पहाड़ इसे और भी खास बना देते हैं। 


गोंडोला राइड  

गोंडोला राइड 
गुलमर्ग की गोंडोला राइड एक केबिल कार नेटवर्क है जो की गुलमर्ग से कौंगडोर और अफरात तक चलती है। इस राइड से हिमालय पर्वतों और गोंडोला गांव का नज़ारा ऊंचाइयों से देखा जा सकता है। गोंडोला राइड गुलमर्ग की सबसे मशहूर रोमांचक गतिविधियों में से एक है। गोंडोला राइड के अलावा आप गुलमर्ग के बर्फीले पहाड़ों में स्कीईंग का मज़ा भी ले सकते हो। 

गुलमर्ग कब जाएँ

गुलमर्ग घूमने का हर मौसम का अपना मज़ा होता है, लेकिन गुलमर्ग मार्च  से अक्टूबर के महीने तक जाने का समय सबसे सही समय माना जाता है। इस समय गुलमर्ग और भी ज़्यादा खूबसूरत हो जाता है। 








सोनमर्ग 

प्रकर्ति की ख़ूबसूरती 
सोनमर्ग का मतलब होता है सोने का मैदान इस जगह का नाम सोनमर्ग इसलिये पड़ा क्यूंकी वसंत ऋतु में यह सुन्दर फूलों से ढक जाती है। जो की सुनेहरी दिखाई देती है। सोनमर्ग के ऊँचे ऊँचे पहाड़ यहाँ की सुन्दर झीलें यहाँ की खूबसूरती को और भी बड़ा देते हैं। सोनमर्ग में कृष्णासार झील, गद्सर झील और गंगाबल झील यहाँ की प्रसिद्ध झीलें हैं। इसके अलावा सोनमर्ग में नीलाग्रद नदी है जो की एक पहाड़ी नदी है जो घाटी से होकर गुज़रती है और आगे जाकर सिंधु नदी में मिल जाती है। इसकी खासियत यह है की इस नदी का पानी लाल रंग का होता है और इसके पानी में कई औषधीय गुण भी होते हैं। 


पहलगाम 

पहलगाम का एक नज़ारा 

पहलगाम जम्मूकश्मीर के अनंनाग जिले में स्तिथ एक खूबसूरत हिल स्टेशन है यह निद्दर नदी के किनारे बसा हुआ है। यह समुन्दर तल से 2923 मीटर की ऊंचाई पर है।  हिन्दू धर्म के मुख्य तीर्थ स्थल अमरनाथ गुफा की यात्रा के लिए पहलगाम पहला पड़ाव होता है। पहलगाम रोमांचक गतिविधियों में भी काफी आगे है यहाँ बर्फ से ढके पहाड़ों पर ट्रैकिंग करना लोगों को बहुत पसंद आता है यहाँ दुनिया भर से ट्रैकिंग के शौकीन ट्रैकिंग के लिए यहाँ आते हैं इसके अलावा यहाँ गोल्फ और गुड़सवारी भी काफी लोकप्रिय है। 


पत्नीटॉप 

पत्नीटॉप हिल्स 
पत्नीटॉप जम्मूकश्मीर के ऊधमपुर जिले में स्तिथ एक हिल स्टेशन है। यह समुन्द्र तल से 2024 मीटर की ऊंचाई पर है। पत्नीटॉप की आबोहवा, देवदार के पेड़ों के घने जंगल, बर्फ से ढके पहाड़, मीठे पानी के झरनें इसे और भी ज़्यादा खूबसूरत बनाते हैं। पत्नीटॉप में आये टूरिस्ट यहाँ घुड़सवारी, ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, गोल्फ खेलना ज़्यादा पसंद करते हैं। पत्नीटॉप में स्तिथ मंदिरों की भी अपनी अपनी मान्यताएं हैं जिनमें प्रमुख मंदिर नाग मंदिर और बुद्ध अमरनाथ मंदिर हैं। पत्नीटॉप घुमनें के लिए सबसे सही समय गर्मियों में मई से जून और सर्दियों में दिसंबर से फेब्रुअरी का होता है। इस समय लोग यहाँ के बर्फीले पहाड़ों पर स्कीईंग और ट्रैकिंग करना बहुत पसंद करते हैं। 



भद्रवाह 

भद्रवाह का एक नज़ारा 

भद्रवाह को मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाता है यहाँ की खूबसूरत वादियां ठण्डे और मीठे पानी के झरने ऊँचे ऊँचे बर्फ से ढके पहाड़ और भद्रवाह के मंदिर। भद्रवाह में हर साल अप्रैल के महीने में कई त्योहारों का आयोजन किया जाता है। भद्रवाह में वासुकी नाग मंदिर, धंबु नाग मंदिर, नागनी माता मंदिर, अलअलबानी मंदिर, पादरी गली, चिंता घाटी, सरतीगाल जैसी कई टूरिस्टों को आकर्षित करने वाली टूरिस्ट प्लेस हैं जो यहाँ की सुंदरता में चारचांद लगा देती हैं।


जम्मूकश्मीर की मशहूर पश्मीना शाल, कला और चाय 

पश्मीना शाल 
कश्मीर में तैयार की जाने वाली पश्मीना शाल छूने में मुलायम और वज़न में भी काफी हल्की होती है। पश्मीना शाल लद्दाख में पायी जाने वाली चांगरा बकरियों की ऊन से बनायी जाती है।  पश्मीना शाल हाथों और मशीन दोनों से बनायीं जाती है जबकि श्रेष्ठ हाथों से बनी पश्मीना शाल होती है। एक पश्मीना शाल तैयार करने में कम से कम 3 चांगरा बकरियों की ऊन का इस्तमाल किया जाता है। 


कला और शिल्प 

कश्मीरी रुमाल 

पश्मीना शाल के अलावा जम्मूकश्मीर के मिटटी के बर्तन, कुर्ते, रुमाल, रेशम के कालीन सर्वोत्तम माने जाते हैं।


जम्मूकश्मीर की चाय 

केसर चाय 
जम्मूकश्मीर में यहाँ की मशहूर तरह-तरह की चाय मिलती है जैसे नूर चाय, कश्मीरी चाय, केसर चाय, शीर चाय, गुलाबी चाय अगर आप चाय के शौकीन है और जम्मूकश्मीर जाते हैं तो यहाँ की इन मशहूर चाय की चुस्कियाँ ज़रूर लीजियेगा। 


मौसम 

प्रकृति का एक अनोखा नज़ारा 
वैसे तो जम्मूकश्मीर लोग हर मौसम में घूमने जाते हैं क्यूंकि यहाँ के हर मौसम का अपना अलग मज़ा होता है। जम्मूकश्मीर के हिलस्टेशनों में मार्च से सितम्बर तक गर्मियों के मौसम में यहाँ की वादियाँ हरे भरे पहाड़ खूबसूरत झरनें, फूलों के बगीचे और फलों के बागों का नज़ारा पर्यटकों के दिल में उतर जाता है। जबकि सर्दियों के मौसम में यहाँ बर्फ से जम चुकी नदियां , बर्फ से ढके हुए ऊँचे ऊँचे पहाड़ जहाँ लोग स्कीईंग और ट्रैकिंग जैसे कई सारे एडवेंचर्स का मज़ा लेने आते हैं। 


जम्मूकश्मीर कैसे पहुंचे 


हवाई सफर 
श्रीनगर, जम्मू  और लेह इन शहरों में हवाई अड्डे मौजूद हैं आप यहाँ देश के कई बड़े शहरों से हवाई रास्ते से आसानी से पहुँच सकते हैं। 
















रोड मार्ग 

कश्मीर का एक रोड 
दिल्ली, अमृतसर, अम्बाला, चंडीगढ़, जालंधर, शिमला, पठानकोट, जैसे शहरों से जम्मूकश्मीर रोड से भी पहुंचा जा सकता है। श्रीनगर, जम्मू, लेह जैसे शहरों से जम्मूकश्मीर की टूरिस्ट प्लेस जाने के लिए यहाँ चलने वाली कैब आपको आसानी से मिल जाएगी। 


उम्मीद है की आपको मेरी पोस्ट पसंद आयी होगी। यह पोस्ट आपको कैसी लगी कॉमेंट करके ज़रूर बताएं और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी  है तो इसे अपने दोस्तों में ज़्यादा से ज़्यादा शेयर ज़रूर कीजियेगा। मेरी हमेशा यही कोशिश रहेगी की मैं आपके लिए ऐसी ही खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस के बारे में पूरी जानकारी लाता रहूं और आपको अपडेट करता रहूं। आशा करता हूँ की आप भी इसी तरह अपना प्यार बनाएं रखेंगें जिससे मुझे हमेशा मोटिवेशन मिलता रहेगा।

Thank you 😊😊

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